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सिफारिशें


कहती थी हम तुम्हारे है,हमें लगा सिफारिशों में दम है,मोहब्बत सरकारी दफ़्तर की फ़ाइल थीं,जाते जाते कह गई,तुम्हारे हिस्से की रिश्वत थोड़ी कम है।

— ...... Ktharish✍️
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