तुम्हारी तस्वीर क्या देखी



तुम्हारी तस्वीर क्या देखी

तुझसे बातें क्या कर ली

मैं खुद को खोता जा रहा हूं

मैं तेरा होता जा रहा हूं

तेरा होता जा रहा हूं।



यूं तो रूबरू होना 

बांकी है अब तक

फिर भी दिल मेरा

मुझसे ही दूर हो रहा है

मुझसे ही दूर हो रहा है।



अब तक तो बांधे रखा था

खुद को खुद के मंजिल से

पर अब मैं क्या करूं

तुम भी जीना लगने लगी

तुम भी जीना लगने लगी।

    (जीना = सीढ़ी) 



दिलों - दिमाग के किसी द्वंद में

जीवन - गमत के अग्रता में

स्वयं को जाना हरदम हरपल

पर इतना अबूझ कभी ना था

इतना अबूझ कभी ना था।



अब बातें चाहे जो भी हो

ब्युटी विथ ब्रेन का होना या

आदर्श नारी का गुण हो देखा

अब असहाय होने लगा हूं

असहाय होने लगा हूं।



जीवन के उद्देश्य बड़े हैं

अभी तो हमको और तपना है

तुझको - मुझको...., हमको होना है

अरमानों को पुरा करना है।

अरमानों को पुरा करना है।



तुम्हारा या सपनों का मिलना

वैसे तो किस्मत के बस में

मैं तो केवल इतना जानूं

तुम जो मुझको मिल जाओ तो

सबकुछ होगी मेरे बस में

सबकुछ होगी मेरे बस में।



   - हरिओम शंकर

  28 जनवरी 2020।