मैं तुम्हारी यादों से छुट्टी चाहता हूं,

इक तरफा इश्क में इतवार चाहता हूं।


याद ना आना अब तुम मुझको तन्हाई में,

तन्हा दिल को थोड़ा आराम चाहता हूं।


जाना है क्यूं तड़पते हैं इश्क में लोग,

इसके बाद दिल का इंतिहान चाहता हूं।


दुनिया में मुसाफिर हूं बदनाम ना करो,

'बाबा' टूटे दिलों का इलाज चाहता हूं।।