*मौत की राह*
जीवन और मौत की चौखट पर पहुंचकर कांपती इंसान की जिंदगीया,
मौत कब मिले हैरत से पुकारती जिंदगियां,
अब विश्वास कहा होना है जिंदगी कब खोना है,
अंधकार मय जीवन होना है,
सुनी पड़ी मानवता ना दया भाव ना अच्छा विचार,
ना दया भाव ना हृदय कोमल रोती और दहारती जिंदगियां,
मौत को पुकारती जिंदगियां,
मौत संग सजती और संवरती जिंदगियां,
बार बार पुकारती जिंदगियां,
मौत की राह निहारती जिंदगियां, मानवता को हारती जिंदगियां
*अतिशय विज्ञानवाद के कारण इंसान की मौत नजदीक होते जा रहा है*
रेल दुर्घटना में मृत सभी व्यक्ति को श्रद्धांजलि भगवान अपने श्री चरणों में स्थान दे
