ख़्वाबों के पंछी जो उड़ जाएँगे,
फ़िर दूर दूर नज़र नहीं आएँगे ।।
अभी तुम को उन की क़द्र नहीं,
फ़िर क्या होगा जब मुड़ जाएँगे ।।
ख़्वाबों के पंछी जो उड़ जाएँग
फिर दूर दूर नज़र नहीं आएँगे.....
तुम को ख़्वाबों का अभी एहसास नहीं है,
लगता ऐसा, जैसे ख़ुद पर विश्वास नहीं है ।।
कोशिश तो करो ज़रा सच करने की तुम,
ऐसा नहीं कि मंज़िल तुम्हारे पास नहीं है ।।
ख़ुद चलकर हालात से लड़कर जाएँगे,
और जो चाहेंगे हम यक़ीनन वो पाएँगे ।।
ख़्वाबों के पंछी जो उड़ जाएँगे,
फिर दूर दूर नज़र नहीं आएँगे..........
तुम ने ख़्वाबों को पालना नहीं सीखा,
दर्द को अपने संभालना नहीं सीखा ।।
मोहब्बत तो करते तुम हर शख़्स से,
पर नफ़रत को निकालना नहीं सीखा ।।
हर शख़्स की नफ़रत को मिटाएँगे,
चराग़ मोहब्बतों के हम जलाएँगे ।।
ख़्वाबों के पंछी जो उड़ जाएँगे,
फिर दूर दूर नज़र नहीं आएँगे..........
#हनीफ़_शिकोहाबादी
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