मेरा ईमान ही मेरी पहचान रख या रब,इस जिस्म में जब तक जान रख या रब ।।हसद से बचा मुझे सुर्ख़-रू कर मौला,इंसान में मेरी नेक पहचान रख या रब ।।#हनीफ़_शिकोहाबादी ✍️#Poetry4peaceTwitter
मेरा ईमान ही मेरी पहचान रख या रब,इस जिस्म में जब तक जान रख या रब ।।
हसद से बचा मुझे सुर्ख़-रू कर मौला,इंसान में मेरी नेक पहचान रख या रब ।।
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