दरवाज़े पे किसी की सदा ल गती है,
जो मांगे दे दो ग़रीब की दुआ लगती है ।।
मुफ़्लिसी में जियोगे तो समझोगे तुम,
तुम्हें क्या तुम्हें तो ऐसी की हवा लगती है ।।
✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी


दरवाज़े पे किसी की सदा ल गती है,
जो मांगे दे दो ग़रीब की दुआ लगती है ।।
मुफ़्लिसी में जियोगे तो समझोगे तुम,
तुम्हें क्या तुम्हें तो ऐसी की हवा लगती है ।।
✍️#हनीफ़_शिकोहाबादी