1 min read 807.8K reads

अफ़्सोस


है मेरा ज़ब्त के बाहर, अब इंतिज़ार तेरा,टूटेगी जब सांस मिरी ख़ुद-ब-ख़ुद आओगे ।।

अभी इक बात सुनने को राज़ी नहीं हो तुम,अफ़्सोस तब हम न होंगें जब तुम सुनाओगे ।।

#हनीफ़_शिकोहाबादी ✍️

Twitter

Read more Earn more Learn more