है मेरा ज़ब्त के बाहर, अब इंतिज़ार तेरा,टूटेगी जब सांस मिरी ख़ुद-ब-ख़ुद आओगे ।।अभी इक बात सुनने को राज़ी नहीं हो तुम,अफ़्सोस तब हम न होंगें जब तुम सुनाओगे ।।#हनीफ़_शिकोहाबादी ✍️Twitter
है मेरा ज़ब्त के बाहर, अब इंतिज़ार तेरा,टूटेगी जब सांस मिरी ख़ुद-ब-ख़ुद आओगे ।।
अभी इक बात सुनने को राज़ी नहीं हो तुम,अफ़्सोस तब हम न होंगें जब तुम सुनाओगे ।।
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