अब चलते हैं जब लड़खड़ाते हैं क़दम...'s image
730K

अब चलते हैं जब लड़खड़ाते हैं क़दम...

अब चलते हैं जब लड़खड़ाते हैं क़दम,

कितना संभले थे एक उम्र तक हम

इश्क़ नहीं करते तो आज ये हाल नहीं होता,

दिल मिरा भी लहू के अश्क नहीं रोता

अब शायद दाएम दूर ही रहें मुझसे ख़ुशियाँ,

दिल तड़पे मेरा और बहें हर वक़्त ये अखियाँ

दिल लगाने की ये सज़ा है जो पा रहे हम

क़रीब जिसके उसी से धोखा खा रहे हम

अब कैसे हम जी पायेंगें माल

Read More! Earn More! Learn More!