तेरे लब...
तेरे लब मेरे लब से भिडने लगे है।
बेहोश मै मेरे होश उडने लगे है।
खिला है चांद जमीं पर आसमां से उतरकर,
सितारे आसमां से सारे मुडने लगे है।
मेरी जिंदगी मे तू जिंदगी बन के आयी,
मौत से सांस अब सारे लड़ने लगे है।
तु मिले तो है पूरे सभी अरमां मेरे,
ख्वाब रोशन हजारों दिल मे बढने लगे है।
कवीराज©
