तेजस्वी...


मै गंगा की मंजधार हूं।

मै हवाओं पर सवार हूं।

अन्याय के खिलाफ तलवार हू।

काल के बीच की दिवार हूं।

मै तपस्वी , मै तेजस्वी,

सच के साथ आर पार हूं।

नफरतों के बीच बड़ा प्यार हूं।

जनता की आवाज सौ बार हूं।

मै मेरी तकदीर हूं।

मेरे हिस्से की लकीर हूं।

मै तेजस्वी हूं।

मै तेजस्वी हूं।



कवीराज©