मोहब्बत


दिल मे धडकती जान सी है।

मेरी मोहब्बत गीताकुरान सी है।


मै जानता नही के तेरी नजर मे मै क्या हू,

पर मेरी नजर मे तू भगवान सी है।


अपनी चाहत कबूल सारी कायनात से है,

और तू उलझी गैर मे बेहिसाब सी है।


तू आंखे खोले तो आसमां हसी है सारा,

मै आफताब तू मेहताब सी है।


कवीराज