आसान नही है जिंदगी जीना,
मौत से लडना पड़ता है।
दर्द के दरीया से कहर उठता है सीना,
फिर भी मुस्कुराना पड़ता है।
हर लम्हा हर पल निगाह में जिसकी सुरत है,
उसी को अजनबी कहना पड़ता है।
कुछ बोले तो इल्जाम न बोलें तो बेरुखी,
ये जिंदगी तेरे लिए क्या क्या करना पड़ता है।
कवीराज©


