
जख्म ए आवाम।
सन्नाटों को हवाओं का लतीफा सुनाया जाए।
जो है अंधेरे मे उसे उजाले मे लाया जाए।
कहते भी तुम सुनते भी तुम क्या मांजरा है,
क्या छुपा रहे हो जरा हमे भी दिखाया जाए।
बडी धूमधाम से कहते थे आसमान छूएंगे हम,
कितना गड्डा खुदाया सबको दिखाया जाए।
Read More! Earn More! Learn More!
