जब राहे आम से गुज़रना , तो ये काम कर लेना
अग़र पहचानते हो किसी को, तो सलाम कर लेना
अजनबी बन जाए जो यकायक,वो क़रीबी तुम्हारा
सब भूल जाना तुम ,याद उसके अच्छे काम कर लेना
तुझे न भी आये कोई सदा ,चाहे न कोई जवाब मिले
बेशर्म हो जाना कई बार , उसे कोई पैगाम कर लेना
सुकूत ओढ़ लो कभी ,मुस्कुराहट सजा लो तस्सवुर पे
एक कोशिश फ़िर भी निबाह की ,सुबह शाम कर लेना
चाहे लाख थका हो तन ज़ेहन तेरा,चल पड़ना फ़िर भी
मुश्किल में हों दोस्त कभी , तो नाम उनके जान कर देना