तुम वही हो जिसके बिन हूँ मैं अधूरा,
तुम वही हो जो ज्ञान को कर सकती हो पूरा,
वो काजल, वो बिंदी जिनके बिना सुबह-शाम अधूरे,
वो रौशनी, वो समुद्र जो तेरे मुस्कान से होते पूरे ,
मैं क्या, कोई भी हो जाये तुझपे फ़ना,
तू ही अप्सरा, तू ही प्रेयसी, तू ही मैं और मैं ही तुम ।
#ज्ञान_वर्मा
ट्विटर @gyanverma4


