इसे कुदरत का करिश्मा कहो,
या कहो ऊपर वाले का न्याय है,
आज फिर से वातावण स्वच्छ है,
पशु, पक्षी, जंतुओं का जीवन खुशहाल है,
नदियों का पानी भी बोल रहा है,
प्रकृति आज फिर से खुश है,
क्यूंकि इसके गुनहगार घरों में बंद हैं,
उनको मिली सज़ा से सिर्फ उनका ही हाल बेहाल है।


