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शिव


हे शिव मैने तो बूँद माँगा था,आपने समंदर दे दिया।

ये तूफान क्या डरएँगें मुझे,जब सहारा आपका हो ।

मेरी कश्ती तो डूब ही नहीं सकती,जब किनारा आपका हो।

— गुंजन कुमारी
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