मोहब्बत एक बुरी बीमारी है!!

यह बीमारी कितनी प्यारी हैं!!


यह वफ़ाई-बेवफ़ाई क्या हैं?

कुछ नहीं, बस दुनियादारी हैं!!


तेरी नजर में बहुत हल्का हैं;

वो सख्स दरअसल भारी हैं!


मां,बहन,पत्नी औऱ प्रेमिका;

कितने किरदार में नारी हैं?


हार में भी साथ खड़ी रहती हैं!

यह माँ भी न,कितनी न्यारी हैं!!


गुरु और गोविंद सब बाद में.;

सबसे पहले माँ की बारी है!!


सबको तवज्जो दे दी, अब बस;

जगदीश अपनी खुद की बारी है!!