थम जा थोड़ा,
थक गया है,
भागते भागते,
हार गया है ,
जीतते जीतते,
पीछे मुड़ कर देख,
छूट गया क्या क्या ,
भागते भागते,
वो सुकून वो रिश्ते,
वो दिल खोल कर हंसना,
भूल गया सब,
हांफते हांफते,
जी ले चंद लम्हे,
ए "गुमनाम"
आवाज़ दे रही है ,
सराब* आसते आसते .
-गुमनाम लखनवी
*सराब : मृगतृष्णा /Mirage
