एक छोटी सी चाहत है,

कुछ पल सुकून के,

कुछ लम्हे यादों के,

कुछ खुशियां ,

जो अपनी हों,

सिर्फ अपनी,

बांटना नहीं है,

अपने पल, सुकून , खुशियां,

ता उम्र बांटते बांटते ही रहे,

अब जब समझ आए ,

जिन्दगी के मायने,

"गुमनाम" सिर्फ एक ही ,

चाहत है अब ,

जी लेते हैं अपने लिए


-गुमनाम लखनवी