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मेरा कुछ सामान - गुलज़ार

जब भी यह दिल उदास होता है जाने कौन आस-पास होता है होंठ चुपचाप बोलते हों जब सांस कुछ तेज़-तेज़ चलती हो आंखें जब दे रही हों आवाज़ें ठंडी आहों में सांस जलती हो आँख में तैरती हैं तसवीरें तेरा चेहरा तेरा ख़याल लिए आईना देखता है जब मुझको एक मासूम सा सवाल लिए कोई वादा नहीं किया लेकिन क्यों तेरा इंतजार रहता है बेवजह जब क़रार मिल जाए दिल बड़ा बेकरार रहता है जब भी यह दिल उदास होता है जाने कौन आस-पास होता है (2) हाल-चाल ठीक-ठाक है सब कुछ ठीक-ठाक है बी.ए. किया है, एम.ए. किया लगता है वह भी ऐंवे किया काम नहीं है वरना यहाँ आपकी दुआ से सब ठीक-ठाक है आबो-हवा देश की बहुत साफ़ है क़ायदा है, क़ानून है, इंसाफ़ है अल्लाह-मियाँ जाने कोई जिए या मरे आदमी को खून-वून सब माफ़ है और क्या कहूं? छोटी-मोटी चोरी, रिश्वतखोरी देती है अपा गुजारा यहाँ आपकी दुआ से बाक़ी ठीक-ठाक है गोल-मोल रोटी का पहिया चला पीछे-पीछे चाँदी का रुपैया चला रोटी को बेचारी को चील ले गई चाँदी ले के मुँह काला कौवा चला और क्या कहूं? मौत का तमाशा, चला है बेतहाशा जीने की फुरसत नहीं है यहा
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