कुछ और मंजर-1 - गुलज़ार's image
718K

कुछ और मंजर-1 - गुलज़ार

कभी कभी लैम्प पोस्ट के नीचे कोई लड़का दबा के पैन्सिल को उंगलियों में मुड़े-तुड़े काग़ज़ों को घुटनों पे रख के लिखता हुआ नज़र आता है कहीं तो.. ख़याल होता है, गोर्की है! पजामे उचके ये लड़के जिनके घरों में बिजली नहीं लगी है जो म्यूनिसपैल्टी के पार्क में बैठ कर पढ़ा करते हैं किताबें डिकेन्स के और हार्डी के नॉवेल से गिर पड़े हैं... या प्रेम
Read More! Earn More! Learn More!