तुम जो पूछते हो कीमत मेरे इश्क की,

बता दूं सच !

तो खरीद पाओगे क्या ?


यूँ गुम-सुम हो जाऊँ कभी,

सच कहो ! 

बातों में मेरा हाल पूछ पाओगे क्या ?


उठायेगा उँगलियाँ जमाना तो खूब मुझपर,

ताने भी तेरे नाम से दिये जायेंगे,

तुम कहो !

मेरा हाथ पकड पाओगे क्या ?