बातें बदल बदल कर

चेहरे बदल बदल कर

पहचान छुप ना पाई

परदे बदल बदल कर

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पिंजरे की जाँच की

हमने भी खूब ऐसे

तोते , कबूतर , मैना

परिंदे बदल बदल कर

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तब तालियाँ बजी खूब

आज बात बन न पाई

नग्मे को आजमा रहे

साजिन्दें बदल बदल कर

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हसरतों की अर्थिओं को

ढोये हैं जिंदगी भर

कफ़न बदल बदल कर

कंधे बदल बदल कर

रचनाकार :- गौतम कुमार सागर ( 7903199459)