अच्छा सुनो

नये-नये शब्दों को सुनने की चाह में मेरे पुराने शब्द तुम्हें खटकने लगे हैं। क्योंकि इनमें नयापन नहीं है शायद। तुम्हें पता है शब्दों का नयापन बस नया-नया ही नया लगता है एक समय के बाद वो भी पुराना शब्द हीं बन जाता है। 

अच्छा सुनो

ये पुराने शब्द का अर्थ तो पता है ना तुम्हें। 

तुम हमेशा नये शब्दों की तलाश में मेरे पुराने शब्दों को कुचल देते हो ये बोल के कि क्या हर बार एक हीं शब्दों के ज़रिए हाल-चाल पूछती हो जो कि मुझे खटकता है। 

अच्छा सुनो

ये खटकने का अर्थ तो पता है ना तुम्हें। 

रिश्तों में जब शब्दों को तौला जाने लगे तब समझना कि प्यार के तराज़ू का पलरा कभी बराबर नहीं होगा।