
साँसे मेरी थमने को है
आँसूंओ का सैलाब बहने को है
मुस्कान मेरी मानो गुजर सी गई
सभी तस्वीरें गिर कर बिखर सी गई
कुछ बचा नहीं सिर्फ
एक शून्य
पास आने में साये भी कतराने लगे हैं
फूल भी दूरियां बढ़ान लगे हैं
चाँद भी दूर
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साँसे मेरी थमने को है
आँसूंओ का सैलाब बहने को है
मुस्कान मेरी मानो गुजर सी गई
सभी तस्वीरें गिर कर बिखर सी गई
कुछ बचा नहीं सिर्फ
एक शून्य
पास आने में साये भी कतराने लगे हैं
फूल भी दूरियां बढ़ान लगे हैं
चाँद भी दूर