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गवाह सबूत साक्ष्य सब 

बिक जातें हैं झूठ के बाज़ार में 

औऱ न्याय आँखों में पट्टी बांध कर

मुस्कुराता रहता है दीवानों की तरह !!


~ गौरव वशिष्ठ / @Ahrnish