हम पैदा हुए भारत में,
हम बड़े हुए भारत में,
हम पढ़े-लिखे भारत में,
हम रहते हैं भारत में।
हम अमेरिका, इंग्लैंड गए होंगे,
हम उन लोगों के साथ काम किए होंगे,
हम उनकी परियोजनाओं में शामिल हुए होंगे,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
हम अमेरिका, इंग्लैंड के बारे में सुनते होंगे,
वहाँ क्या चल रहा है, पढ़ते होंगे,
वे लोग कैसे जी रहे हैं, देखते होंगे,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
हम अमेरिका के सॉफ़्टवेयर में काम करते होंगे,
हम इंग्लैंड की पोशाकें अपना चुके होंगे,
कोरिया के सेलफोन इस्तेमाल करते होंगे,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
हम पिज़्ज़ा, पास्ता, प्रेट्ज़ेल खाते होंगे,
हम व्हिस्की, वाइन, बीयर पीते होंगे,
हम चीनी-थाई खाना भी पसंद करते होंगे,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
हम अंग्रेज़ी में बातें करते होंगे,
हम अंग्रेज़ी अख़बार पढ़ते होंगे,
हम अंग्रेज़ी में लिखते होंगे,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
हम दिल्ली, बंगाल में रहने वाले होंगे,
शायद मुंबई, गुजरात में रह रहे होंगे,
या चेन्नई, बेंगलुरु में रह रहे होंगे,
हम अलग भाषाएँ बोलते होंगे,
हमारा रहन-सहन अलग दिखता होगा,
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
— गोपीनाथ S

