चांद
चांद पृथ्वी का एकाकी चमकीला उपग्रह है
एक सूक्ष्म गृह पृथ्वी से टकराके चांद निकला
पहले यह काफी नजदीक घूमता था
धीरे धीरे चलते अब इस स्थान पर स्थिर हो गया।
चांद सूर्य की प्रचंड किरणों को अवशोषित करता है
और सबके लिए शीतल प्रकाश प्रतिबिंबित करता है
यह प्रेम का प्रतीक बन गया है
सभी प्रेमियों ऊपर चंद्रमा की ओर देखते हैं।
चांद के अलग-अलग नाम भी हैं
इसे लूना सेलेना सिंथिया भी कहा जाता है
इसे ग्रीक देवी माना जाता है
यह कई अन्य लोगों के लिए भी रहस्यमय है।
चांद अट्ठाईस दिन के चक्र का अनुसरण करता है
जैसे एक महिला का मासिक चक्र होता है
उसकी चाल में घटना-बढ़ना अपने आप होता है
हमें हमारे जीवन का सच्चाई याद दिलाता है।
चांद का प्रभाव मनुष्य के मन पर भी पड़ता है
अपने चरण से नींद मनोदशा को प्रभावित करता है
ज्योतिष में यह नौ शक्तिशाली ग्रहों में से एक है
इंसान के व्यक्तित्व भावनाओं को निर्धारित करता हैं।
चांद की सतह पर गुरुत्वाकर्षण बहुत कम है
सूर्य और पृथ्वी की तीव्रता के विपरीत स्थिर है
चांद समुद्र में ज्वार-भाटे को नियंत्रित करता है
पूर्णिमा के दिन उच्च ज्वार होता है।
चांद मनुष्य के लिए एक पहेली है
मनुष्य ने अनेक प्रयास किये हैं
चांद में मिट्टी हवा पानी की तलाश में हैं
इसके जमीन पर विजय प्राप्त करने की आशा है।
चांद पृथ्वी की समर्पित जीवनसाथी की तरह है
अपने क्रम में धार्मिक रूप से पृथ्वी की परिक्रमा करता है
यदि सूर्य चमकता हुआ हीरा प्रतीत हो
चंद्रमा महिला के माथे पर बिंदी की तरह हैं।
- गोपीनाथ S
(ChatGPT समर्थन के बिना लिखागया है)