मासूमों को जिसने कुचला वो हाथ किसके है,
उस वहशी का लहू किस मज़हब का है।
कभी पूछ के देखो अपने दिल से,
बेकसूरों को मारने वाला खंजर किसका है।
किसने दी है पनाह मौत के सौदागर को,
इंसानों की लाश देख कर सुकून किसको है।
~गोपाल भोजक


मासूमों को जिसने कुचला वो हाथ किसके है,
उस वहशी का लहू किस मज़हब का है।
कभी पूछ के देखो अपने दिल से,
बेकसूरों को मारने वाला खंजर किसका है।
किसने दी है पनाह मौत के सौदागर को,
इंसानों की लाश देख कर सुकून किसको है।
~गोपाल भोजक