सावन आया सजन न आये,क्या तू उनकी लाया पाति!ओ भँवरे सच सच बता,कैसे जले दीया बिन बाति!अंगड़ाई के साथ मिलन की,रात याद सताती तड़फती...
सावन आया सजन न आये,
क्या तू उनकी लाया पाति!
ओ भँवरे सच सच बता,
कैसे जले दीया बिन बाति!
अंगड़ाई के साथ मिलन की,
रात याद सताती तड़फती...