गर तुमको पसंद नही साथ मेरा,

मेरे यार वापस मेरा दिल दे दे।


तेरी मर्ज़ी थी साथ मे है रहना,

मेरी मर्ज़ी है अब खाक होना।


ये जुदाई भी अब मैं सह लूंगा,

इस गम में भी अब मैं जी लूंगा।


तेरे दिल मे है क्या बता तो जरा,

हर शिकवा तेरा मैं मिटा दूंगा।

~गोपाल भोजक