यादें तेरी सहेज रखी है,
दिल मे किसी खजाने सी,
जाम पीया था मैंने जब,
तेरी नशीली आँखों का,
उम्र मेरी गुजर जायेगी,
उसका नशा भुलाने में।
~गोपाल भोजक


यादें तेरी सहेज रखी है,
दिल मे किसी खजाने सी,
जाम पीया था मैंने जब,
तेरी नशीली आँखों का,
उम्र मेरी गुजर जायेगी,
उसका नशा भुलाने में।
~गोपाल भोजक