इस दिल मे तेरी मोहब्बत आज भी है,

मेरे घर की रौनक तुमसे आज भी है।


सात फेरों में मिलाया था हाथ जो तूने,

मेरे हाथों में मेहंदी की महक अब भी है।

©गोपाल भोजक