अंधेरी रात में रोशनी तुम्ही से है,
ज़िंदगी की हर खुशी तुम्ही से है।
साकी न पिला शराब अब मुझे,
तेरी आँख सा नशा शराब में नही है
~गोपाल भोजक


अंधेरी रात में रोशनी तुम्ही से है,
ज़िंदगी की हर खुशी तुम्ही से है।
साकी न पिला शराब अब मुझे,
तेरी आँख सा नशा शराब में नही है
~गोपाल भोजक