इक तेरा इंतज़ार मुझको है,
याद आती बार बार मुझको है।
न होना कभी उदास मेरी जान,
फिक्र तेरी हंसी की मुझको है।
मेरी बाहों में तुम समाई हो,
रोज आते यही ख़्वाब मुझको है।
वक्त मिले कभी तो आ जाना,
मिलन का इंतज़ार मुझको है।
~गोपाल भोजक
विश्व कविता दिवस


इक तेरा इंतज़ार मुझको है,
याद आती बार बार मुझको है।
न होना कभी उदास मेरी जान,
फिक्र तेरी हंसी की मुझको है।
मेरी बाहों में तुम समाई हो,
रोज आते यही ख़्वाब मुझको है।
वक्त मिले कभी तो आ जाना,
मिलन का इंतज़ार मुझको है।
~गोपाल भोजक
विश्व कविता दिवस