डर क्या मुझे जब साथ है मेरे माँ,


कमी नही कुछ मेरे सर हाथ है माँ का।


गलत कुछ कैसे करूं मेरे संस्कार है माँ के,


बचपन सारे सबक मुझे याद है माँ के।


मेरा कर्म मेरा धर्म सब माँ ही है,


मेरी सफलता का हर जश्न माँ का।


मेरी नींद मेरी जाग माँ के लिए है,


सपनो में जो आये वो चेहरा है माँ का।


~गोपाल भोजक