पहली बार तुम्हे देखा जब,
मुझको बड़ी हैरानी हुई।
दिल से इक आवाज़ उठी,
सूरत जानी पहचानी लगी।
धड़कन मेरी बढ़ने लगी थी,
जब तुमसे नज़र मिलाई थी।
सांसे गर्म तूफान हो गई,
दिल भी जरा मचलने लगा,
सूनापन सब दूर हुआ,
जब तुमसे मिलके लौटे है।
~गोपाल भोजक


पहली बार तुम्हे देखा जब,
मुझको बड़ी हैरानी हुई।
दिल से इक आवाज़ उठी,
सूरत जानी पहचानी लगी।
धड़कन मेरी बढ़ने लगी थी,
जब तुमसे नज़र मिलाई थी।
सांसे गर्म तूफान हो गई,
दिल भी जरा मचलने लगा,
सूनापन सब दूर हुआ,
जब तुमसे मिलके लौटे है।
~गोपाल भोजक