मेरी जान मेरे सीने से आ कर के लिपट जाये,
तपते हुये सहारा मे बारिश सी बरस जाये।
तेरे इश्क़ में अब मैं तो दिन रात तड़फता हूँ,
तू जो मुझे मिल जाये कलियां सी खिल जाये।
दिल मेरा मचलता है तुम्हे पाने को तरसता है,
जितना इसे समझाऊं उतना ही मचलता है।
मुझसे दूर न जाना तुम, चाहे जो भी सजा देना,
बिन तेरे मेरा जीवन मुश्किल ही संभल पाये।
अब तो इस जीवन की बस इतनी तमन्ना है,
तुम सामने रहो मेरे और उम्र गुजर जाये।
~गोपाल भोजक


