जब पास तुम मेरे होती हो,
हद से गुजरना चाहता हूँ।
जिस्म बना लूं तुम्हे अपना,
और रूह में तेरी बस जाऊं।
होठों से छू लूं होठ तेरे,
सांसों में सांस समा समा लूं।
मन करता है हर बार मैं,
मैं तुम और तुम मैं बन जाये।


जब पास तुम मेरे होती हो,
हद से गुजरना चाहता हूँ।
जिस्म बना लूं तुम्हे अपना,
और रूह में तेरी बस जाऊं।
होठों से छू लूं होठ तेरे,
सांसों में सांस समा समा लूं।
मन करता है हर बार मैं,
मैं तुम और तुम मैं बन जाये।