बरस भी जा खुदा के लिए अब तो,
तेरी आस में झुलस रहा हूँ मैं।
तू गर झूम के धरती से मिले,
मैं भी एक बार झूमने का गुनाह कर लूं।
~गोपाल भोजक


बरस भी जा खुदा के लिए अब तो,
तेरी आस में झुलस रहा हूँ मैं।
तू गर झूम के धरती से मिले,
मैं भी एक बार झूमने का गुनाह कर लूं।
~गोपाल भोजक