बड़े दिनों के बाद आज
ख्वाब जैसे मिल गया,
बचपन में चाहा था वो
साज आज मिल गया।
गीत अब बनेगें कैसे
तार जब टूटा हो कोई,
शायद मेरा साज भी,
अब मुझसे रूठ गया।
~गोपाल भोजक


बड़े दिनों के बाद आज
ख्वाब जैसे मिल गया,
बचपन में चाहा था वो
साज आज मिल गया।
गीत अब बनेगें कैसे
तार जब टूटा हो कोई,
शायद मेरा साज भी,
अब मुझसे रूठ गया।
~गोपाल भोजक