जब तुम बोलो हम चुप हो जाते है,
तेरे हसीन चेहरे में खो हो जाते हैं।
खुशबू बिखर जाती है तेरे लबों से,
तुम गुल हम गुलफाम हो जाते हैं।
चाँदनी सी शीतल सूरज सी चमक,
इस रूप के आगे सब तमाम हो जाते है।
इन आँखों की भाषा बयां करती है मोहब्बत,
रूह मेरी में तेरे अल्फ़ाज़ बस जाते है।
तुम समझ जाती हो मेरे दर्द की भाषा,
तुम कद्रदान और हम ग़ज़ल बन जाते है।
~गोपाल भोजक


