कुंकुम लेपूं किसे?


सुनाऊँ किसको कोमल गान?


तड़प रहा आँखों के आगे भूखा हिन्दुस्तान...


~राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजली