चाँद जब पहलू में होगा, 

तब आयेगी नींद हमें।

ख्वाब फिर सुनहरे होगें,

चाँद जब हम पर होगा।

प्रेम की चादर ओढ़ कर, 

सो जाये हम तुम नींद में।

उदासियों को भेज देंगे,

दूर किसी जंगल मे...

~गोपाल भोजक