Poetry 1 min read 813.8K reads

बीते दिन...


हमने कुछ वफ़ा पे लिखा कुछ लिखा रुसवाई पर,

बीते दिनों की मेरे पास बस इतनी सी निशानी है।©गोपाल भोजक

Read more Earn more Learn more