Poetry 1 min read 501.6K reads

छिपता चांद


लगता जैसे छिपता चांद हैलेकिन बनी इमारत पर प्रकाश

रजनी में कुछ तो राज छिपा हैहाय , जैसे बातों में बात

••••गुडलक ?️❣️#poetry

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