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मैं इठला हुआ हिमालय हूँ

girvaani.pranikyaagirvaani.pranikyaa January 17, 2023
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मैं इठला हुआ हिमालय हूँ


मैं इठला हुआ हिमालय हूँ 


जल-जल को मैं ललचाया हूँ 


किस दृष्टि से देखों इसको 


घिर आने को साँसे रुकती 


दीप्ति नवल के चरणों में 


मस्तक की आशा शिथिल हुई 


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