उत्थान की ओर प्रयाण


बीत जाता है क्षण,

वर्तमान समय भी,

और बदल जाता है 

वर्तमान भूतकाल में

हो जाता है साल पुराना 

बन जाता है इतिहास

और इतिहास बना रहता है 

स्मरण में हमेशा

क्योंकि इतिहास 

भविष्य की नींव को 

मजबूती देता है

भावी पीढ़ियों को

निर्णायक क्षणों के लिए 

करता है सजग,

बदलता है दृष्टिकोण

देता है कई बार चेतावनी भी 

क्योंकि भले इतिहास भविष्य से

होता है अपरिचित लेकिन

अनुभव से भरा

इसलिए विदा होते इस क्षण से,

इस बीतते वर्ष से, 

वर्तमान का परिचय कराएँ

ताकि इतिहास की भूलें 

अब न दोहराएँ

और भविष्य को 

उत्थान की ओर ले जाएँ...



गीता टण्डन